Thedigitalkhabari ब्यूरो: बिहार में बाढ़ की विभीषिका के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य के कई जिले जलमग्न हैं और लोग दाने-दाने को मोहताज हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को भव्य तरीके से मनाने में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
बाढ़ पीड़ितों की सुध लेने के बजाय जश्न का आरोप
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार की जनता इस समय प्राकृतिक आपदा से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर बिहार के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं, जहां लोग अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ऐसे में सत्ताधारी दल का ध्यान राहत कार्यों के बजाय पीएम के जन्मदिन के आयोजनों पर केंद्रित होना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
बिहार के लोग बाढ़ में डूब रहे हैं, मर रहे हैं और बेघर हो रहे हैं। दूसरी तरफ, भाजपा के लोग प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर करोड़ों रुपये उड़ा रहे हैं। यह जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
विपक्ष का सरकार पर दबाव
तेजस्वी यादव ने सरकार से मांग की है कि वह दिखावे के कार्यक्रमों को बंद कर पूरी ताकत बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में लगाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में न तो पर्याप्त नावों की व्यवस्था है और न ही भोजन और दवाओं की।
प्रमुख बिंदु:
- बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त।
- तेजस्वी यादव ने सरकारी खर्चों में पारदर्शिता और प्राथमिकता तय करने की मांग की।
- विपक्षी दलों ने केंद्र से बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग दोहराई।
फिलहाल, इस बयान के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। भाजपा की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर बहस तेज हो गई है कि क्या आपदा के समय बड़े आयोजनों से परहेज किया जाना चाहिए।
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