Thedigitalkhabari ब्यूरो: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को एक विशेष अवसर पर कड़ी सुरक्षा के बीच उसके पैतृक गांव जठेड़ी लाया गया। मौका था उसकी जुड़वां बेटियों के नामकरण संस्कार का, जिसके लिए उसे अदालत से कस्टडी पैरोल मिली थी। गांव में इस दौरान किसी वीआईपी की तरह स्वागत हुआ, जहां बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी।
IVF से जन्मी बेटियां और पारिवारिक रस्में
गैंगस्टर काला जठेड़ी और उसकी पत्नी अनुराधा चौधरी के घर हाल ही में आईवीएफ (IVF) तकनीक के जरिए जुड़वां बेटियों का जन्म हुआ था। इन बेटियों के नामकरण संस्कार के लिए अनुराधा ने अदालत में कस्टडी पैरोल की अर्जी लगाई थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, दिल्ली पुलिस की भारी सुरक्षा घेरे में जठेड़ी को उसके गांव लाया गया। इस दौरान गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम
जठेड़ी के गांव पहुंचते ही माहौल पूरी तरह बदल गया। एक ओर जहां पुलिस का कड़ा पहरा था, वहीं दूसरी ओर परिवार और समर्थकों ने बैंड-बाजे के साथ उसका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान जठेड़ी को अपनी बेटियों के साथ समय बिताने का मौका मिला। रस्में पूरी होने के बाद, दिल्ली पुलिस ने उसे वापस तिहाड़ जेल के लिए रवाना कर दिया।
मुख्य बिंदु:
- गैंगस्टर काला जठेड़ी को कस्टडी पैरोल पर उसके पैतृक गांव लाया गया।
- जुड़वां बेटियों के नामकरण संस्कार के लिए विशेष अनुमति ली गई थी।
- दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच रस्में संपन्न हुईं।
- कार्यक्रम के बाद जठेड़ी को वापस तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
अदालत के आदेशों का पालन करते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सभी रस्में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं और आरोपी को निर्धारित समय के भीतर वापस जेल भेज दिया गया।
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