Home Breaking News पेainkillers के अत्यधिक सेवन से किडनी पर मंडरा रहा है गंभीर खतरा, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई एडवाइजरी
Breaking Newsराष्ट्रीय

पेainkillers के अत्यधिक सेवन से किडनी पर मंडरा रहा है गंभीर खतरा, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई एडवाइजरी

Share
पेainkillers के अत्यधिक सेवन से किडनी पर मंडरा रहा है गंभीर खतरा, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई एडवाइजरी
Share

Thedigitalkhabari एक्सप्लेनर: देश में तेजी से बढ़ती दर्द निवारक दवाओं (NSAIDs) की लत और उनके अंधाधुंध इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। हाल ही में जारी की गई एक नई मेडिकल एडवाइजरी में नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि बिना डॉक्टर की सलाह के लगातार पेनकिलर्स का सेवन करना किडनी फेलियर और अन्य गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का एक प्रमुख कारण बन रहा है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि किस तरह सामान्य सिरदर्द या बदन दर्द के लिए ली जाने वाली ये दवाएं हमारी सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं और इनसे बचने के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए।

5 प्रमुख बातें जो आपको जाननी चाहिए (5 Key Takeaways)

  • नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) जैसे इबुप्रोफेन, डिक्लोफेनाक और नेप्रोक्सेन का अत्यधिक उपयोग सीधे तौर पर किडनी की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों और चिकित्सा अनुसंधानकर्ताओं ने सख्त हिदायत दी है कि इन दवाओं का इस्तेमाल हमेशा ‘सबसे कम प्रभावी खुराक’ (lowest effective dose) और न्यूनतम संभव अवधि के लिए ही किया जाना चाहिए।
  • भारत में काउंटर (OTC) पर आसानी से बिना डॉक्टर के पर्चे के पेनकिलर मिलने की संस्कृति इस समस्या को और अधिक विकट बना रही है।
  • दीर्घकालिक रूप से इन दवाओं के सेवन से क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD), उच्च रक्तचाप और पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं (अल्सर और ब्लीडिंग) हो सकती हैं।
  • विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी प्रकार के पुराने दर्द के लिए घरेलू नुस्खों, फिजियोथेरेपी या सुरक्षित वैकल्पिक उपचारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मामला क्या है? (Understanding the Core Issue)

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का तनाव, गलत जीवनशैली और शारीरिक श्रम की कमी के कारण लोगों में जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों की ऐंठन, पीठ दर्द और माइग्रेन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इन समस्याओं से तुरंत राहत पाने के लिए आम जनता अक्सर मेडिकल स्टोर से सीधे पेनकिलर खरीदकर खा लेती है। लोग यह भूल जाते हैं कि दर्द केवल एक लक्षण है, न कि बीमारी। दर्द निवारक दवाएं उस लक्षण को तो कुछ समय के लिए दबा देती हैं, लेकिन वे मूल समस्या का समाधान नहीं करतीं। जब कोई व्यक्ति बिना सोचे-समझे लंबे समय तक इन दवाओं का सेवन करता है, तो शरीर के आंतरिक अंग, विशेष रूप से गुर्दे (किडनी) और लिवर गंभीर दबाव में आ जाते हैं। भारत में बिना डॉक्टर के नुस्खे के दवाएं मिलने की आसानी इस समस्या को और बढ़ा देती है। चिकित्सा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रवृत्ति पर जल्द रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में देश में किडनी के मरीजों की संख्या में विस्फोटक वृद्धि हो सकती है।

मुख्य कारण और वजहें (Root Causes)

पेनकिलर्स के दुरुपयोग के पीछे कई सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण ‘त्वरित राहत’ (Instant Relief) की चाहत है। आधुनिक जीवनशैली में लोगों के पास आराम करने या किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाकर लंबी जांच करवाने का समय नहीं है। वे चाहते हैं कि गोली खाते ही तुरंत दर्द गायब हो जाए ताकि वे अपने काम पर लौट सकें। दूसरा बड़ा कारण जागरूकता की भारी कमी है। आम जनता को यह बिल्कुल अंदाजा नहीं होता कि मेडिकल स्टोर से मिलने वाली सामान्य दिखने वाली नीली-पीली गोलियां उनके शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों को अंदर ही अंदर खोखला कर रही हैं। इसके अलावा, काम के घंटे बढ़ने और शारीरिक श्रम या गलत पोस्चर के कारण होने वाली शारीरिक समस्याओं के प्रति लापरवाही भी लोगों को इन दवाओं पर निर्भर बना देती है।

"दर्द निवारक दवाएं जीवन रक्षक हो सकती हैं जब उनका उपयोग सही मार्गदर्शन में हो, लेकिन बिना सोचे-समझें इनका अंधाधुंध सेवन किडनी की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से तबाह कर सकता है। मरीजों को हमेशा सबसे कम प्रभावी खुराक का ही चयन करना चाहिए।"

निष्कर्ष और आगे का रास्ता (Conclusion & Outlook)

संक्षेप में कहा जाए तो पेनकिलर्स का अत्यधिक और अनियंत्रित सेवन एक साइलेंट किलर की तरह काम कर रहा है। समय आ गया है कि देश का प्रत्येक नागरिक इस बात को समझे कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं है। किसी भी प्रकार के दर्द के लिए तुरंत केमिकल युक्त दवाओं का सहारा लेने के बजाय अपनी जीवनशैली में सुधार करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, नियमित व्यायाम करें और योग को अपनाएं। यदि दर्द असहनीय है, तो हमेशा किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श लें और उनके द्वारा बताई गई सटीक खुराक का ही पालन करें। जागरूकता और संयम ही वह कुंजी है जिससे हम अपनी किडनी और संपूर्ण स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shubhanshu Mishra - Founder and Editor in Chief of The Digital Khabari

Explore more

-Sponsored-
advertising space available for your brand | The Digital Khabari
Related Articles
विकास के लाभों को भावी पीढ़ी तक पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: किरेन रिजिजू
Breaking Newsराष्ट्रीय

विकास के लाभों को भावी पीढ़ी तक पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: किरेन रिजिजू

Thedigitalkhabari संवाददाता: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय...

जामिया मारपीट विवाद का असर: नूंह से दिल्ली में हमले की साजिश रचते 6 युवक अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार
Breaking NewsNCR

जामिया मारपीट विवाद का असर: नूंह से दिल्ली में हमले की साजिश रचते 6 युवक अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार

Thedigitalkhabari की विशेष रिपोर्ट: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया...