भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन बेहद निराशाजनक रहा. वैश्विक दबाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई अचानक तेजी के कारण घरेलू बेंचमार्क सूचकांक भारी गिरावट के साथ बंद हुए. ट्रेडिंग सत्र के आखिरी घंटों में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिसने बाजार को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया.
सेंसेक्स आज 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 74,003.82 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत फिसलकर 23,118.60 के स्तर पर आ गया. यह निफ्टी का पिछले 5 महीनों का सबसे निचला बंद स्तर है.

क्रूड की कीमतों का दबाव और चौतरफा बिकवाली
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया. मेटल, रियल्टी और केमिकल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई. निफ्टी पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), श्रीराम फाइनेंस और इंडिगो आज के टॉप लूजर्स साबित हुए. बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में ब्रॉडर मार्केट (मिडकैप और स्मॉलकैप) में अधिक रिस्क अवेयरनेस देखी गई. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2.12 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.43 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
रियल्टी सेक्टर में सबसे बड़ी गिरावट, आईटी को मिला सहारा
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 4 प्रतिशत की गिरावट के साथ आज का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा. इसके बाद केमिकल और ऑटो शेयरों में भी तेज बिकवाली रही. हालांकि, इस चौतरफा गिरावट के बीच केवल आईटी सेक्टर (IT Sector) ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की. इन्फोसिस और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों की मजबूती के दम पर निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा.
दूसरी ओर, बैंकिंग सेक्टर में भी कमजोरी रही. बैंक निफ्टी 56,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया, जिससे अब तकनीकी रूप से अगला सपोर्ट 55,500 के पास शिफ्ट हो गया है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी आगामी सत्रों में 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ता है, तो यह 22,800 तक गिर सकता है. वहीं, किसी भी रिकवरी की स्थिति में अब 23,300–23,500 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस (रुकावट) का काम करेगा.
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