भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दोनों देशों के बीच हुआ बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आगामी 19 अक्टूबर 2026 से पूरी तरह प्रभावी होने की उम्मीद है.
दोनों देशों ने इसी साल 27 अप्रैल 2026 को वस्तुओं, सेवाओं और निवेश के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.
भारतीय निर्यातकों को मिलेगा शत-प्रतिशत फायदा
इस समझौते के लागू होने के बाद सबसे बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलने वाला है.
100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस: यह समझौता न्यूजीलैंड के बाजारों में भारतीय वस्तुओं के लिए अभूतपूर्व रास्ते खोलेगा. इसके लागू होते ही भारत से न्यूजीलैंड होने वाले शत-प्रतिशत निर्यात पर शून्य सीमा शुल्क का नियम लागू हो जाएगा.
इन सेक्टर्स को बंपर लाभ: वर्तमान में न्यूजीलैंड भारतीय ऑटोमोबाइल, ऑटो घटकों, कालीन और सिरेमिक जैसी प्रमुख और संवेदनशील वस्तुओं पर 10 फीसदी तक का भारी टैरिफ वसूलता है. नया समझौता लागू होने के बाद यह सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म हो जाएगा, जिससे भारतीय सामान वहां बेहद प्रतिस्पर्धी और सस्ते हो जाएंगे.
न्यूजीलैंड का ₹1.68 लाख करोड़ का भारी-भरकम निवेश
भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को और गति देने के लिए न्यूजीलैंड ने एक बहुत बड़ा वित्तीय वादा किया है. समझौते के आधिकारिक प्रावधानों के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों के भीतर भारत में 20 बिलियन डॉलर (करीब ₹1.8 लाख करोड़) का भारी-भरकम निजी निवेश (FDI) करेगा. यह दीर्घकालिक निवेश भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और नए रोजगार के अवसर पैदा करने में काफी मददगार साबित होगा.
घरेलू और विधायी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद 19 अक्टूबर से लागू होने जा रहा यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को एक नए युग में ले जाएगा, जिससे व्यापारिक घाटा कम होगा और भारतीय उद्योगों को वैश्विक पहचान मिलेगी.
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