Thedigitalkhabari ब्यूरो: आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में एक छात्र की दुखद मौत के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सीलिंग फैन बदलने का जो वादा किया था, वह अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जुलाई में हुए इस हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जुलाई के वादे का क्या हुआ?
बीते जुलाई महीने में आईआईटी बॉम्बे के एक हॉस्टल में छात्र की मौत के बाद कैंपस में हड़कंप मच गया था। उस समय संस्थान के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी पुराने सीलिंग फैन को बदल दिया जाएगा। हालांकि, छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने केवल कुछ ही कमरों में यह प्रक्रिया शुरू की, जबकि अधिकांश हॉस्टल अभी भी पुराने और असुरक्षित पंखों के भरोसे चल रहे हैं।
छात्रों की चिंता और प्रशासन की चुप्पी
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों का कहना है कि वे लगातार प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल टालमटोल वाले जवाब मिल रहे हैं। छात्रों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है और इसे एक गंभीर लापरवाही बताया है।
प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। एक छात्र की जान जाने के बाद भी अगर हम सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं, तो यह संस्थान की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
प्रमुख बिंदु:
- जुलाई में छात्र की मौत के बाद सीलिंग फैन बदलने का लिया गया था निर्णय।
- अधिकांश हॉस्टल के कमरों में अभी भी पुराने पंखे लगे हुए हैं।
- छात्रों ने प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली के खिलाफ नाराजगी जताई है।
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी से छात्रों में भय का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल, आईआईटी बॉम्बे प्रशासन की ओर से इस देरी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। छात्र अब जल्द से जल्द इन वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
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