Thedigitalkhabari ब्यूरो: ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ भीषण बस हादसा रोंगटे खड़े कर देने वाला है। एक चलती बस के भीतर आग की लपटों ने नौ जिंदगियों को राख कर दिया, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं। चश्मदीदों और घायलों के बयानों से जो कहानी सामने आई है, वह लापरवाही और खौफ की एक ऐसी दास्तान है जिसे सुनकर हर कोई सिहर उठेगा।
धुआं और बदबू, फिर भी जारी रहा सफर
हादसे में बाल-बाल बचे यात्रियों ने बताया कि बस में धुआं उठने और जलने की गंध काफी पहले ही महसूस होने लगी थी। कई यात्रियों ने ड्राइवर से बस रोकने का आग्रह किया, लेकिन आरोप है कि ड्राइवर ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। कुछ यात्रियों का दावा है कि ड्राइवर उस समय धूम्रपान भी कर रहा था, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।
यात्रियों ने कहा, ‘हमने बार-बार चिल्लाकर ड्राइवर से कहा कि बस रोको, अंदर से जलने की बदबू आ रही है, लेकिन उसने हमारी एक नहीं सुनी। कुछ ही मिनटों में आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि हमें संभलने का मौका तक नहीं मिला।’
अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझते घायल
इस हादसे में झुलसे लोगों को तुरंत जेवर के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। अस्पताल के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
हादसे के मुख्य बिंदु:
- यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में अचानक लगी आग से 9 लोगों की मौत।
- यात्रियों के अनुसार, आग लगने से पहले बस में जलने की गंध आ रही थी।
- ड्राइवर की कथित लापरवाही और चेतावनी को नजरअंदाज करने का आरोप।
- घायलों का इलाज जेवर के कैलाश अस्पताल में चल रहा है।
- प्रशासन द्वारा घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग बस के इंजन में लगी थी या शॉर्ट सर्किट के कारण केबिन में फैली। इस दर्दनाक घटना ने सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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