Thedigitalkhabari ब्यूरो: बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ और युवक के साथ मारपीट के मामले ने तब एक नया मोड़ ले लिया, जब मुख्य आरोपी नंदन यादव की गिरफ्तारी ने पुलिस को उसके पिता के काले अतीत तक पहुँचा दिया। इस घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई गहन जांच में नंदन के पिता गनौरी यादव की संलिप्तता 2003 के एक सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में सामने आई है।
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस
मामला तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर छेड़छाड़ और मारपीट का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में नंदन यादव और उसके साथी पीड़ित को प्रताड़ित करते हुए दिखाई दे रहे थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए जमुई पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप नंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद पूछताछ के दौरान पुलिस को उसके पिता गनौरी यादव के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
21 साल पुराना राजफाश
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि गनौरी यादव लंबे समय से कानून की नजरों से बच रहा था। 2003 में हुए एक दोहरे हत्याकांड के मामले में वह फरार चल रहा था। नंदन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और गनौरी यादव को भी धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी जमुई में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘आरोपी नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद हमने उसके पिता गनौरी यादव को भी गिरफ्तार किया है, जो 2003 के एक पुराने दोहरे हत्याकांड में वांछित था। कानून का हाथ लंबा होता है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।’
सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पर नजर
पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि जो लोग इस वीडियो को सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस तरह के वीडियो को साझा करना न केवल पीड़िता की निजता का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज में अशांति फैलाने का प्रयास भी है।
मुख्य बिंदु:
- मुख्य आरोपी नंदन यादव छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में गिरफ्तार।
- पिता गनौरी यादव 2003 के दोहरे हत्याकांड में पुलिस की गिरफ्त में।
- विशेष जांच दल (SIT) द्वारा मामले की सघन निगरानी।
- वीडियो वायरल करने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर।
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