Thedigitalkhabari ब्यूरो: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब तक जो सरकारी कर्मचारी सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के दायरे से बाहर के क्षेत्रों में तैनात थे, उन्हें इस स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा था, लेकिन सरकार ने अब इस नीति में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें भी योजना का विकल्प चुनने की अनुमति दे दी है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, उन शहरों में रहने वाले कर्मचारी भी अब CGHS के तहत पंजीकरण करा सकते हैं जो वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। सरकार का यह कदम देश भर में फैले अपने कर्मचारियों को बेहतर और सस्ती चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
योजना के मुख्य बिंदु
- CGHS कवरेज क्षेत्र से बाहर रहने वाले कर्मचारी अब स्वेच्छा से योजना का हिस्सा बन सकते हैं।
- पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य होगा।
- योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ उठाया जा सकेगा।
- पेंशनभोगियों के लिए भी इस नई व्यवस्था में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
सरकार का यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर भागने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक कर्मचारी आधिकारिक CGHS वेबसाइट पर जाकर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल रखी गई है ताकि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस विस्तार से न केवल कर्मचारियों का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार भी मिल सकेगा।
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