Thedigitalkhabari ब्यूरो: कर्नाटक विधानसभा में उस समय एक अनोखा दृश्य देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायकों ने सदन की कार्यवाही के दौरान ‘वंदे मातरम’ का पूरा पाठ किया। यह घटना तब हुई जब सरकार ने राष्ट्रगीत के केवल दो छंदों को गाने का निर्देश दिया था, लेकिन विपक्षी खेमे ने इसे दरकिनार करते हुए राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण को गाने का निर्णय लिया।
नियमों बनाम राष्ट्रभक्ति का मुद्दा
सदन में इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। बीजेपी विधायकों का तर्क है कि वंदे मातरम का पूरा पाठ करना उनकी देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति सम्मान का प्रतीक है। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष और सत्ता पक्ष का कहना है कि सदन की गरिमा और तय नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
विपक्ष का स्टैंड
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि वंदे मातरम के किसी भी हिस्से को छोड़ना राष्ट्रगीत के अपमान के समान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्थिति में राष्ट्रगीत के पूर्ण पाठ से पीछे नहीं हटेंगे।
राष्ट्रगीत हमारी पहचान है और इसके पूर्ण पाठ में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। हमने इसे पूरे सम्मान के साथ गाया है और आगे भी परंपरा को जारी रखेंगे। – बीजेपी विधायक दल
प्रमुख बिंदु
- कर्नाटक विधानसभा में वंदे मातरम के पूर्ण गायन को लेकर विवाद।
- सरकार ने केवल दो छंद गाने का निर्देश जारी किया था।
- बीजेपी विधायकों ने नियमों की अनदेखी कर पूरा राष्ट्रगीत गाया।
- सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक।
फिलहाल, इस घटना के बाद विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न हुआ है और अध्यक्ष ने सभी दलों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा कर्नाटक की राजनीति में और गरमाने के आसार हैं।
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