Thedigitalkhabari ब्यूरो: बास्केटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लेब्रोन जेम्स के करीबी बिजनेस पार्टनर और मशहूर बिजनेस मैनेजर मैवरिक कार्टर इन दिनों एक गंभीर कानूनी विवाद के केंद्र में हैं। कार्टर का अपनी पूर्व पार्टनर क्रिस्टल स्ट्रीट्स के साथ उनकी बेटी के चाइल्ड सपोर्ट भुगतान को लेकर आमना-सामना हो गया है। यह मामला अब अदालत की दहलीज तक पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्षों के बीच वित्तीय जिम्मेदारियों को लेकर तीखी बहस जारी है।
विवाद की जड़: क्या 18 साल की उम्र के बाद भी जारी रहे भुगतान?
मैवरिक कार्टर का तर्क है कि उनकी बेटी अब 18 वर्ष की हो चुकी है, इसलिए कानूनी रूप से चाइल्ड सपोर्ट का दायित्व समाप्त हो जाना चाहिए। कार्टर का कहना है कि वे पहले से ही अपनी बेटी की स्कूली शिक्षा का पूरा खर्च उठा रहे हैं और वे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग रहे हैं। दूसरी ओर, क्रिस्टल स्ट्रीट्स का पक्ष बिल्कुल अलग है। उनका मानना है कि जब तक उनकी बेटी अपनी उच्च शिक्षा पूरी नहीं कर लेती, तब तक कार्टर को वित्तीय सहायता जारी रखनी चाहिए।
स्ट्रीट्स की मांग और कार्टर की संपत्ति का मुद्दा
इस कानूनी लड़ाई में एक नया मोड़ तब आया जब स्ट्रीट्स ने कार्टर की बढ़ती संपत्ति और वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए मासिक चाइल्ड सपोर्ट राशि में बढ़ोतरी की मांग की। उनका तर्क है कि कार्टर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, बेटी की जीवनशैली और शिक्षा के लिए उन्हें अधिक योगदान देना चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अदालत शिक्षा के खर्च और माता-पिता की वित्तीय क्षमता को किस तरह से देखती है।
मामले के मुख्य बिंदु
- मैवरिक कार्टर ने बेटी के 18 वर्ष के होने पर चाइल्ड सपोर्ट बंद करने की याचिका दायर की है।
- क्रिस्टल स्ट्रीट्स का दावा है कि शिक्षा पूरी होने तक वित्तीय सहयोग अनिवार्य है।
- स्ट्रीट्स ने कार्टर की संपत्ति के आधार पर भुगतान राशि बढ़ाने की मांग की है।
- दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बजाय अब मामला कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझाया जा रहा है।
फिलहाल, यह मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें एक हाई-प्रोफाइल हस्ती का नाम जुड़ा है। अदालत का फैसला न केवल इस परिवार के भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि चाइल्ड सपोर्ट से जुड़े कानूनी मानकों के लिए भी एक नजीर बन सकता है।
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