Home छत्तीसगढ़ सरस्वती शिशु मंदिर चाम्पा में प्रांतीय कबड्डी प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ
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सरस्वती शिशु मंदिर चाम्पा में प्रांतीय कबड्डी प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

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15 से 17 सितंबर तक चलेगा तीन दिवसीय खेल महोत्सव, विभिन्न जिलों से पहुंचे लगभग 325 खिलाड़ी

चाम्पा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चाम्पा में मंगलवार को प्रांतीय कबड्डी खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ बड़े हर्षोल्लास एवं पारंपरिक गरिमा के साथ हुआ। तीन दिवसीय यह खेल महोत्सव 15 से 17 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। आयोजन तिल भांडेश्वर बाल कल्याण समिति चाम्पा के तत्वावधान तथा विद्या भारती योजना के अंतर्गत सरस्वती शिक्षा संस्थान रायपुर के सहयोग से संपन्न हो रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भारत माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि व्यास नारायण कश्यप, विधायक जांजगीर-चाम्पा, विशिष्ट अतिथि प्रदीप नामदेव, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद चाम्पा तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मण राव मगर, प्रादेशिक सचिव सरस्वती शिक्षा संस्थान रायपुर ने की। मंच पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद देवांगन, प्रतियोगिता संयोजक डॉ. शांति कुमार सोनी एवं प्राचार्य अश्विनी कुमार कश्यप सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

कबड्डी अनुशासन, साहस और टीम भावना का खेल

प्रस्तावित भाषण में अश्विनी कुमार कश्यप ने कहा कि कबड्डी केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है। प्रतियोगिता युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि चाम्पा विद्यालय में प्रांतीय, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होना हम सभी के लिए गर्व की बात है।

मुख्य अतिथि व्यास नारायण कश्यप ने कहा कि कबड्डी से व्यक्तित्व विकास के साथ संघर्ष करने की क्षमता, टीम भावना और जीवन में अनुशासन का विकास होता है। यह हमारी मिट्टी से जुड़ा पारंपरिक खेल है तथा भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। कबड्डी से शरीर के साथ-साथ बल और बुद्धि का भी विकास होता है।

विशिष्ट अतिथि प्रदीप नामदेव ने कहा कि पहले की अपेक्षा अब भारत में खेलों को लेकर बेहतर वातावरण तैयार हुआ है। ‘खेलो इंडिया’ जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रतिभावान खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को टीम भावना के साथ खेलते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।

अध्यक्षीय उद्बोधन में लक्ष्मण राव मगर ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिरों में संस्कार एवं देशभक्ति के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जाता है। खेलों के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा हैं। जीत उत्साह देती है, जबकि हार अपनी कमियों को सुधारने की सीख देती है।

विभिन्न जिलों से पहुंचे लगभग 325 खिलाड़ी

प्रांतीय खेल प्रमुख दिवाकर स्वरकार ने बताया कि प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों से लगभग 325 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। सभी खिलाड़ी मैदान में अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं खेल भावना का विकास करना है।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती ललिता तिवारी ने किया तथा आभार प्रदर्शन हटररी विद्यालय के प्राचार्य रवि शंकर गवेल ने किया। इस अवसर पर दीपक सोनी, अध्यक्ष सरस्वती शिक्षा संस्थान रायपुर, तिल भांडेश्वर बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यगण, कमललाल देवांगन, नंद कुमार देवांगन, प्रदीप सराफ, गोपीचंद बरेठ, कृष्ण कुमार पांडे, अशोक शर्मा, संजय यादव, राजेंद्र सिंह ठाकुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक, निर्णायकगण एवं खिलाड़ी-भाई-बहन उपस्थित रहे।

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Shubhanshu Mishra - Founder and Editor in Chief of The Digital Khabari

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