Home धर्म 1 सितंबर 2026 का पंचांग: मंगलवार को शुभ कार्यों से बनाएं दूरी, शुभ पहर में करें पूजा
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1 सितंबर 2026 का पंचांग: मंगलवार को शुभ कार्यों से बनाएं दूरी, शुभ पहर में करें पूजा

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आज 1 सितंबर 2026, मंगलवार को भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्थी तिथि के अधिपति भगवान गणेश माने जाते हैं। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होने और बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है। हालांकि, चतुर्थी तिथि को सामान्य शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है।

1 सितंबर का पंचांग

  • विक्रम संवत: 2083
  • मास: भाद्रपद
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • तिथि: चतुर्थी
  • वार: मंगलवार
  • योग: वृद्धि
  • नक्षत्र: अश्विनी
  • करण: बालव
  • चंद्र राशि: मेष
  • सूर्य राशि: सिंह
  • सूर्योदय: सुबह 5:58 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:43 बजे
  • चंद्रोदय: रात 9:06 बजे
  • चंद्रास्त: सुबह 9:44 बजे

राहुकाल और यमगंड का समय

आज मंगलवार को राहुकाल दोपहर 3:32 बजे से शाम 5:08 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

वहीं यमगंड सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक रहेगा। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने से पहले इन अशुभ कालों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

आज का नक्षत्र अश्विनी

आज चंद्रमा मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में रहेंगे। अश्विनी नक्षत्र को वैदिक ज्योतिष में पहला नक्षत्र माना गया है। इसका विस्तार मेष राशि के शुरुआती 13 डिग्री 20 मिनट तक माना जाता है।

अश्विनी नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार हैं, जिन्हें देवताओं का चिकित्सक माना जाता है। इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अश्विनी नक्षत्र में यात्रा, अध्ययन की शुरुआत, वाहन से जुड़े कार्य, चिकित्सा संबंधी गतिविधियां, आभूषण, खरीदारी, व्यापार और धार्मिक कार्यों को अनुकूल माना जाता है।

किन कार्यों से बचें?

आज राहुकाल के साथ-साथ यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम जैसे अशुभ समय का भी ध्यान रखना चाहिए। विशेष रूप से राहुकाल के दौरान किसी नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।

मंगलवार और चतुर्थी तिथि होने के कारण आज भगवान गणेश की पूजा करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। भक्त भगवान गणेश का ध्यान कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग पंचांगों और स्थानों के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

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Shubhanshu Mishra - Founder and Editor in Chief of The Digital Khabari

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