आज 2 सितंबर 2026, बुधवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचमी तिथि का संबंध नाग देवता से माना जाता है। आध्यात्मिक प्रगति, पूजा-पाठ और तीर्थयात्रा जैसे कार्यों के लिए यह तिथि अनुकूल मानी जाती है।

2 सितंबर का पंचांग

  • विक्रम संवत: 2083
  • मास: भाद्रपद
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष पंचमी
  • दिन: बुधवार
  • तिथि: कृष्ण पक्ष पंचमी
  • योग: ध्रुव
  • नक्षत्र: भरणी
  • करण: तैतिल
  • चंद्र राशि: मेष
  • सूर्य राशि: सिंह
  • सूर्योदय: सुबह 5:59 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:42 बजे
  • चंद्रोदय: रात 9:46 बजे
  • चंद्रास्त: सुबह 10:49 बजे

राहुकाल: दोपहर 12:20 से 1:56 बजे तक
यमगंड: सुबह 7:34 से 9:10 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रमा मेष राशि और भरणी नक्षत्र में रहेगा। भरणी नक्षत्र के देवता यम माने जाते हैं और इसके स्वामी ग्रह शुक्र हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं में इस नक्षत्र को उग्र स्वभाव का माना गया है।

इस नक्षत्र में कृषि, औषधि निर्माण, कुआं खोदने और अग्नि से जुड़े कार्यों को उपयुक्त माना जाता है। वहीं शुभ कार्यों के लिए भरणी नक्षत्र को सामान्यतः अनुकूल नहीं माना जाता।

राहुकाल में शुभ कार्यों से बचें

आज बुधवार को दोपहर 12:20 से 1:56 बजे तक राहुकाल रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम जैसे अशुभ समय का भी ध्यान रखना उचित माना जाता है।

बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें। मान्यता है कि गणपति की आराधना से विघ्न दूर होते हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।