भारत ने चिप निर्माण को बढ़ावा देने और संप्रभु तकनीक विकसित करने के लिए ₹1.27 लाख करोड़ की ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ योजना अधिसूचित की.

भारत सरकार ने देश के भीतर चिप निर्माण इकोसिस्टम को एक ऐतिहासिक रफ्तार देने के लिए ₹1.27 लाख करोड़ के कुल बजटीय आवंटन के साथ आधिकारिक तौर पर ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ योजना को अधिसूचित कर दिया है. सरकार ने यह कदम देश में विनिर्माण को मजबूती देने और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के बड़े विजन के तहत उठाया है.

योजना को छह प्रमुख हिस्सों में बांटा गया
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस दूरगामी योजना को छह प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है, जो सेमीकंडक्टर उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को कवर करते हैं. इस महत्वाकांक्षी नीति के दायरे में भारतीय कंपनियों द्वारा एडवांस चिप की डिजाइनिंग, चिप उत्पादन के लिए आवश्यक पूंजीगत उपकरणों और भारी मशीनरी की इकाइयों की स्थापना, बड़े सेमीकंडक्टर फैब्स (फैब्रिकेशन प्लांट), चिप असेंबली, और अत्याधुनिक पैकेजिंग व टेस्टिंग (ATMP/OSAT) जैसी बुनियादी जरूरतें शामिल हैं.

‘संप्रभु तकनीक’ और राष्ट्रीय सुरक्षा पर विशेष ध्यान
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सरकार इस नीति के माध्यम से देश के भीतर एक लचीली, विश्वसनीय और संप्रभु सेमीकंडक्टर तकनीक का निर्माण करना चाहती है, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय रणनीतिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करेगी. राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए, यह योजना देश में ही सेमीकंडक्टर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) कोर्स, चिप्स, सिस्टम-ऑन-चिप्स (SoCs) और एडवांस मॉड्यूल्स के डिजाइन, विकास और उनकी तैनाती पर विशेष फोकस करेगी.

कंप्यूट, मेमोरी और सेंसर्स के लिए मानक आईपी का विकास
इस बड़े लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करने के लिए, घरेलू स्तर पर मजबूत तकनीकी ब्लॉक विकसित किए जाएंगे. अधिसूचना के मुताबिक, देश में अलग-अलग प्रकार के कंप्यूट, मेमोरी, आरएफ (RF), पावर, नेटवर्किंग और सेंसर्स के लिए मानक आईपी का विकास किया जाएगा, जिससे भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके.

सरकार का यह ठोस नीतिगत कदम मूल्य श्रृंखला के हर स्तर पर प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेगा. इससे न केवल रक्षा और संचार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की विदेशी निर्भरता खत्म होगी, बल्कि वैश्विक चिप सप्लाई चेन में भारत एक अग्रणी और भरोसेमंद वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूती से उभरेगा.