Home छत्तीसगढ़ तेज रफ्तार ट्राला की चपेट में आने से बाइक सवार युवक और महिला की दर्दनाक मौत ।
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तेज रफ्तार ट्राला की चपेट में आने से बाइक सवार युवक और महिला की दर्दनाक मौत ।

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सूरजपुर के बाईपास रोड पर महगांव के पास रविवार की रात भीषण सड़क हादसे ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार विभागों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। तेज रफ्तार ट्राला की चपेट में आने से बाइक सवार युवक और महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि महिला का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होकर सड़क पर बिखर गया, जबकि बाइक चालक की पसलियां तक टूट गईं।       बताया जा रहा है कि बाइक चालक उत्तर प्रदेश का निवासी था और उसका उपनाम प्रजापति बताया जा रहा है। वहीं मृतका की पहचान सलमा, उम्र करीब 35 वर्ष, निवासी सिरसी, भैयाथान के रूप में बताई जा रही है। दोनों कैस्पर माइक्रो क्रेडिट प्राइवेट फाइनेंस में कार्यरत थे और कार्यालयीन काम से बाइक पर अंबिकापुर गए थे। वापस लौटने के दौरान सूरजपुर महगांव के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया।

     प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्राला क्रमांक CG 10 BZ 0530 तेज रफ्तार में था। सड़क खराब होने के कारण चालक द्वारा गलत दिशा से निकलने की कोशिश किए जाने की बात सामने आ रही है। इसी दौरान ट्राला ने बाइक को जोरदार टक्कर मारी और दोनों को रौंदते हुए उनके ऊपर से निकल गया। बाइक चालक हेलमेट पहने हुए था, लेकिन टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद सबसे ज्यादा सवाल व्यवस्था की संवेदनहीनता पर उठे। सड़क पर महिला के शव के क्षत-विक्षत हिस्से बिखरे पड़े रहे, लेकिन तत्काल शव उठाने के लिए न अस्पताल की टीम पहुंची और न ही नगर पालिका की व्यवस्था नजर आई जबकि मौके पर पुलिस मौजूद रही। ऐसे वक्त में स्थानीय लोगों ने इंसानियत का परिचय देते हुए खुद मोर्चा संभाला। लोगों ने बोरी और पन्नी की मदद से सड़क पर बिखरे शव के हिस्सों को एकत्र किया और एंबुलेंस तक पहुंचाया। यहां तक कि सड़क पर पड़े अवशेषों को बेलचे की मदद से उठाना पड़ा।

घटना के बाद ट्राला को सूरजपुर कोतवाली में खड़ा कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क, तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।

सवाल यह है कि आखिर इतनी भयावह दुर्घटना के बाद भी शव उठाने तक की तत्काल व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी जबकि पुलिस मौके पर मौजूद रही?

एक तरफ सड़क की बदहाली और दूसरी तरफ भारी वाहनों की कथित लापरवाही—महगांव का यह हादसा सिर्फ दो जिंदगियों के खत्म होने की कहानी नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं की बदहाल व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है।

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Shubhanshu Mishra - Founder and Editor in Chief of The Digital Khabari

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