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 मुख्यमंत्री ने ‘साइंस ऑन व्हील्स’ को दिखाई हरी झंडी, अब स्कूलों तक पहुंचेगी प्रयोगों की चलती-फिरती विज्ञानशाला

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अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन जैसे विषयों को प्रयोगों और मॉडलों के जरिए समझेंगे विद्यार्थी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा – बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने में उपयोगी होगी पहल
आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों तक सीमित पहुंच वाले क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष लाभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कैम्प कार्यालय बगिया में ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विज्ञान को स्कूलों और विद्यार्थियों के और करीब ले जाने वाली यह चलती-फिरती विज्ञानशाला बच्चों को रोचक प्रयोगों, वैज्ञानिक मॉडलों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की दुनिया से परिचित कराएगी। विशेष रूप से आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों तक सीमित पहुंच वाले क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।


    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में स्वाभाविक रूप से अपने आसपास की दुनिया को जानने और समझने की जिज्ञासा होती है। इस जिज्ञासा को वैज्ञानिक सोच, प्रयोग और नवाचार से जोड़ना आवश्यक है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ बच्चों को किताबों में पढ़े विज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से समझने का अवसर प्रदान करेगी। इससे उनमें सवाल पूछने, प्रयोग करने और समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की प्रवृत्ति विकसित होगी।
    उन्होंने कहा कि आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी हमारे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आने वाला समय नई तकनीकों और नवाचार का है। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराना उनके भविष्य के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इस प्रकार की पहल बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें विज्ञान, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
    ‘साइंस ऑन व्हील्स’ की विशेषता यह है कि इसमें विज्ञान को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को स्वयं प्रयोग करने और गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। वाहन के माध्यम से स्कूलों तक वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग और प्रदर्शनियां पहुंचाई जाएंगी। इससे विद्यार्थी विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों को सरल और रोचक तरीके से समझ सकेंगे।
    कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से उन्हें ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान की रोचक दुनिया से परिचित कराया जाएगा। रोबोटिक्स के माध्यम से नई तकनीकों, नवाचार और भविष्य के तकनीकी कौशल की समझ विकसित की जाएगी। सतत विकास मॉड्यूल विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और बेहतर भविष्य के निर्माण के प्रति जागरूक करेगा। वहीं जल निस्पंदन के माध्यम से स्वच्छ जल, जल संरक्षण तथा इससे जुड़े वैज्ञानिक समाधानों को प्रयोगों के जरिए समझाया जाएगा।
एक बार की गतिविधि नहीं, विज्ञान से निरंतर जुड़ाव है उद्देश्य
    ‘साइंस ऑन व्हील्स’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल एक बार विज्ञान के प्रयोग दिखाना नहीं, बल्कि विज्ञान, नवाचार और तकनीक के प्रति उनमें स्थायी रुचि विकसित करना है। विभिन्न गतिविधियों, प्रयोगों, मॉडलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों को ऐसा सीखने का अनुभव दिया जाएगा, जो उन्हें स्वयं सवाल पूछने, उनके उत्तर तलाशने और नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित करे।
    इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समस्या-समाधान, तार्किक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। भविष्य की तकनीकों से विद्यार्थियों का प्रारंभिक परिचय उन्हें बदलती दुनिया की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में भी सहायक होगा।
तीन राज्यों में संचालित हो रहा ‘साइंस ऑन व्हील्स‘
    उल्लेखनीय है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहल के अंतर्गत इस परियोजना को सहयोग प्रदान किया जा रहा है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ एक राष्ट्रीय पहल है, जिसे छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में प्लक्ष विश्वविद्यालय, प्क्ल्ड फाउंडेशन और प्प्ज् मंडी के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
    छत्तीसगढ़ में इस पहल के माध्यम से विज्ञान की व्यावहारिक शिक्षा को विद्यार्थियों के और करीब लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा मन में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ उन्हें नई तकनीक और नवाचार से जोड़ना तथा ज्ञान और विज्ञान के माध्यम से सशक्त भारत के निर्माण में उनकी भूमिका के लिए तैयार करना है।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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Shubhanshu Mishra - Founder and Editor in Chief of The Digital Khabari

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