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स्कूल में शराब पीकर आने और बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर सरकारी स्कूल का व्याख्याता निलंबित

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बेलौदी हायर सेकेंडरी स्कूल के व्याख्याता नारायण प्रसाद साहू पर विभागीय कार्रवाई, जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया निलंबन आदेश

मगरलोड। विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलौदी में पदस्थ व्याख्याता नारायण प्रसाद साहू के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। स्कूल में शराब के नशे में पहुंचने, शैक्षणिक कार्य प्रभावित करने और बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के आरोपों के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

शिकायत के बाद हुई विभागीय जांच

व्याख्याता नारायण प्रसाद साहू के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वे शराब पीकर विद्यालय पहुंचते हैं, जिससे स्कूल का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।

शिकायत के आधार पर विभागीय जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट लोक शिक्षण संचालनालय को भेजी गई, जिसके बाद मामले में कार्रवाई की गई।

बिना अनुमति कई दिनों तक स्कूल से रहे अनुपस्थित

विभागीय जांच में अनधिकृत अनुपस्थिति का मामला भी सामने आया। रिकॉर्ड के अनुसार, व्याख्याता 1 मार्च से 5 अप्रैल 2026 और 16 जून से 23 जून 2026 तक बिना अनुमति और अवकाश आवेदन के विद्यालय से अनुपस्थित रहे।

इस संबंध में विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हालांकि, विभाग के अनुसार उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

नियमों के तहत जारी हुआ निलंबन आदेश

मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की।

विभाग के मुताबिक, संबंधित व्याख्याता का आचरण पदीय गरिमा के अनुरूप नहीं पाया गया। इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है।

निलंबन अवधि में यहां रहेगा मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान नारायण प्रसाद साहू का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मगरलोड निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निलंबन आदेश की तामिली सुनिश्चित करने के साथ ही प्रकरण से जुड़े आरोप पत्र की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा विभाग ने दिया सख्ती का संदेश

इस कार्रवाई के जरिए शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों से अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा की जाती है। विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालय के वातावरण को प्रभावित करने वाली लापरवाही या अनुशासनहीनता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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Shubhanshu Mishra - Founder and Editor in Chief of The Digital Khabari

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