2028 तक छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने का लक्ष्य, निवेश से लेकर धार्मिक और डिजिटल पर्यटन तक फोकस

रायपुर। विश्व पर्यटन दिवस की तैयारियों के बीच छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने रायपुर में मीडिया से चर्चा कर पर्यटन क्षेत्र की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, जनजातीय और आध्यात्मिक विरासत को पर्यटन के जरिए रोजगार और स्थानीय आय से जोड़ने पर जोर दे रही है।

पर्यटन क्षेत्र में निवेश और रोजगार पर जोर

नीलू शर्मा के अनुसार, पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद निजी निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। फिल्म सिटी के लिए 203.53 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला है, जबकि परियोजना का अनुमानित आकार करीब 350 करोड़ रुपये है।

पर्यटन कारोबार में भी बढ़ोतरी हुई है। 2024 में करीब 30 पंजीकृत पर्यटन व्यवसायों की संख्या बढ़कर 2026 में 383 से अधिक टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंट हो गई है। स्थानीय युवाओं को पर्यटन क्षेत्र से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण और रोजगार पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।

धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा

श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत अब तक 61 ट्रेनों के जरिए 51,850 से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी दर्शन की सुविधा मिलने की जानकारी दी गई।

वहीं, चित्रकोट में टेंट सिटी और इंडिजिनस नेचर रिट्रीट, सिरपुर का मास्टर प्लान तथा मैनपाट और जशपुर में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की योजना है। भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर के लिए 145.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने की जानकारी भी बोर्ड अध्यक्ष ने दी।

होमस्टे और डिजिटल टूरिज्म पर फोकस

होमस्टे नीति 2025-30 के तहत अब तक 27 होमस्टे पंजीकृत किए गए हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवारों और युवाओं को सीधे पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।

इसके अलावा नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल पर्यटन सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

अगले 5 साल में 2,350 करोड़ निवेश का लक्ष्य

टूरिज्म बोर्ड के अनुसार अगले पांच वर्षों में करीब 2,350 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। 18 पर्यटन संपत्तियों को PPP मॉडल पर विकसित करने, 25 से अधिक नए पर्यटन उत्पाद तैयार करने और स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित करने की योजना है।

17-18 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट आयोजित करने का भी प्रस्ताव है, जिसमें देशभर के टूर ऑपरेटरों के शामिल होने की उम्मीद है।

2028 तक नई पहचान बनाने का लक्ष्य

नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ को 2028 तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना लक्ष्य है। इसके लिए प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, ईको-एथनिक और ग्रामीण पर्यटन के साथ डिजिटल तकनीक और निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।