जांजगीर-चांपा जिले के चांपा शहर का सरकारी रेस्ट हाउस इन दिनों बदहाल व्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहा है। लगातार बारिश के बाद पूरे रेस्ट हाउस परिसर में जलभराव हो गया है। हालात ऐसे हैं कि मुख्य प्रवेश मार्ग सहित कई हिस्से पानी में डूबे हुए हैं। हर साल बनने वाली इस समस्या के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

कोसा, कांसा और कंचन की नगरी के नाम से प्रसिद्ध चांपा का यह सरकारी रेस्ट हाउस बड़े जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और वीआईपी मेहमानों के ठहरने का प्रमुख स्थान है। लेकिन बारिश के बाद इसकी स्थिति किसी तालाब से कम नहीं दिखाई दे रही।
रेस्ट हाउस परिसर में कई जगह पानी भर जाने से आने-जाने में लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल अस्थायी व्यवस्था कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है।

जलभराव के कारण गंदगी फैलने के साथ-साथ मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब वीआईपी आवागमन वाले सरकारी रेस्ट हाउस की यह स्थिति है, तो आम लोगों की सुविधाओं का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक कर पाता है।
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