Thedigitalkhabari ब्यूरो: यमुना एक्सप्रेसवे पर राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में लगी भीषण आग ने एक बार फिर परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस दर्दनाक हादसे में नौ यात्रियों की जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह बस सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ का एक जीता-जागता उदाहरण थी।
छह राज्यों का कनेक्शन और सुरक्षा में बड़ी चूक
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस बस का जाल छह राज्यों तक फैला हुआ था। बस का मालिकाना हक मध्य प्रदेश के पास था, जबकि इसका पंजीकरण बिहार का था और फिटनेस प्रमाण पत्र राजस्थान से जारी किए गए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बस पर विभिन्न राज्यों में 19 चालान पेंडिंग थे, जो इसके खराब रिकॉर्ड को दर्शाते हैं।
यात्रियों की चेतावनी को किया गया नजरअंदाज
हादसे के चश्मदीद यात्रियों ने बताया कि बस में धुआं उठने और जलने की गंध आने के बाद उन्होंने चालक को कई बार आगाह किया था। हालांकि, चालक ने इन चेतावनियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
यात्रियों ने बार-बार कहा कि बस से जलने की गंध आ रही है, लेकिन चालक ने इसे मामूली समझकर बस नहीं रोकी। जब तक आग ने विकराल रूप लिया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बचाव अभियान और वर्तमान स्थिति
आग लगने के बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए 20 से 25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल, प्रशासन ने बस के फिटनेस रिकॉर्ड और चालक की लापरवाही के हर पहलू की गहन जांच के आदेश दिए हैं।
- बस का मालिकाना हक: मध्य प्रदेश
- पंजीकरण: बिहार
- फिटनेस प्रमाण पत्र: राजस्थान
- कुल लंबित चालान: 19
- मृतकों की संख्या: 9
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