देश के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों में कामकाज करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के मुख्य संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने आगामी 11 सितंबर 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का एलान किया है. इस हड़ताल में सात प्रमुख बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठन शामिल हो रहे हैं. यूनियनों का दावा है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन (IBA) के उदासीन रवैये के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है.
लगातार 4 दिन प्रभावित रह सकती हैं बैंकिंग सेवाएं
11 सितंबर को शुक्रवार होने के कारण इस हड़ताल का असर बेहद गंभीर हो सकता है. इसके अगले दो दिन क्रमशः दूसरा शनिवार (12 सितंबर) और रविवार (13 सितंबर) होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे. वहीं, 14 सितंबर (सोमवार) को गणेश चतुर्थी के अवसर पर देश के कई राज्यों में बैंक अवकाश रहेगा. ऐसे में देश के कई हिस्सों में बैंकिंग सेवाएं लगातार चार दिनों तक ठप रह सकती हैं, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है.
क्या हैं बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांगें?
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से कई महत्वपूर्ण अवशेष मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है. उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- 5-डे बैंकिंग (5-Day Banking): हर हफ्ते शनिवार और रविवार को पूर्ण अवकाश घोषित करने की मांग, जो लंबे समय से सरकार की मंजूरी के लिए लंबित है.
- संशोधित PLI योजना का विरोध: प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन के नए नियमों में बदलाव को वापस लेने की मांग.
- पेंशन सुधार: पेंशन अपडेशन की प्रक्रिया को तेज करना और पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प बहाल करना.
मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
UFBU ने स्पष्ट किया है कि यदि 11 सितंबर की सांकेतिक हड़ताल के बाद भी उनकी मांगों को नहीं सुना गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. संगठन ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की रूपरेखा तैयार की है, जो बैंकों की छमाही क्लोजिंग के समय को प्रभावित करेगी. इसके बाद भी समाधान न होने पर 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है.
ग्राहकों पर असर और डिजिटल सेवाएं
हड़ताल के दौरान चेक क्लियरिंग, ड्राफ्ट बनवाने और शाखाओं से नकदी के लेन-देन जैसे पारंपरिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहेंगे. हालांकि, बैंक प्रबंधन का कहना है कि ATM, इंटरनेट बैंकिंग और UPI जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी. विशेषज्ञों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने महत्वपूर्ण वित्तीय कार्य 10 सितंबर तक ही निपटा लें.