वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता, शेयर बाजारों के उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों कीमती धातुओं में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को ऊंचे स्तर पर जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश की सलाह दी जा रही है।

रिकॉर्ड स्तर के करीब सोना और चांदी

कमोडिटी विशेषज्ञ और मार्केट रिसर्चर डॉ. अनुज गुप्ता के अनुसार, हाल के दिनों में घरेलू बाजार में सोने की कीमत में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। सोना करीब 1,62,438 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया।

वहीं, चांदी में भी जोरदार तेजी देखने को मिली और इसकी कीमत करीब 2,46,597 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव के बावजूद तेजी का रुझान बना रह सकता है।

क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी कर्ज को लेकर चिंता, डॉलर की स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ा रहे हैं। ऐसे माहौल में निवेशक और केंद्रीय बैंक कीमती धातुओं की ओर रुख कर सकते हैं।

सोने को लंबे समय से सेफ-हेवन एसेट माना जाता है। जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है, तो इसकी मांग बढ़ने की संभावना रहती है।

सोने में 30% और चांदी में बड़ी तेजी की संभावना

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल यानी AIGJDC के चेयरमैन राजेश रोकड़े के अनुसार, सोने में मौजूदा स्तर से करीब 30 प्रतिशत तक और तेजी की संभावना बन सकती है।

उन्होंने चांदी को लेकर भी सकारात्मक रुख जताया है और अनुमान लगाया है कि आने वाले समय में इसमें सोने की तुलना में ज्यादा तेज बढ़त देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, चांदी की कीमत अपने मौजूदा स्तरों से काफी ऊपर जा सकती है।

निवेशकों को क्या सलाह?

विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में तेज उछाल के दौरान एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। बाजार में गिरावट या करेक्शन आने पर धीरे-धीरे खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

ज्वैलरी बाजार में भी बदलाव

सोने की बढ़ती कीमतों का असर ज्वैलरी बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। महंगे होते सोने के कारण अब हल्के वजन के गहनों की मांग बढ़ रही है। ज्वैलर्स भी 22 कैरेट के अलावा 18 कैरेट, 14 कैरेट और 9 कैरेट ज्वैलरी के विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि ग्राहक अपने बजट के अनुसार खरीदारी कर सकें।

कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी का आकर्षण बना रह सकता है। हालांकि कीमतों के अनुमान निश्चित नहीं होते और निवेशकों को अपनी आर्थिक स्थिति व जोखिम क्षमता को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।