एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि कंसीव करने के समय मां और पिता दोनों के विटामिन B12 लेवल का असर उनके….

आजकल खराब खान-पान, जीवनशैली, मोटापा, नींद की कमी, तनाव, धूम्रपान, बहुत ज्यादा शराब पीना, प्रदूषण, टाइट कपड़े पहनना, सेक्स से जुड़ी अनियमितताएं और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं जोड़ों के लिए गर्भधारण को मुश्किल बना सकती हैं और बच्चे में जन्मजात दोषों का खतरा बढ़ा सकती हैं.भारत में बच्चों में जन्मजात असामान्यताएं एक गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम है. हर साल, हजारों बच्चे दिल की खराबी, कटे होंठ और तालू, और नर्वस सिस्टम की खराबी के साथ पैदा होते हैं. कुपोषण, प्रेग्नेंसी के दौरान फोलिक एसिड की कमी, और जल्दी स्क्रीनिंग न करवाना इसके मुख्य कारण हैं.

विटामिन B12 का हाई लेवल माता-पिता दोनों के लिए जरूरी
हाल ही में हुई एक स्टडी से पता चला है कि गर्भधारण से पहले माता-पिता दोनों के शरीर में विटामिन B12 का पर्याप्त या उच्च स्तर बनाए रखने से बच्चे में जन्मजात दोषों का खतरा काफी कम हो जाता है.

 विटामिन B12 का अच्छा स्तर बच्चों में जन्मजात दिल की बीमारियों (कंजेनिटल हार्ट डिफेक्ट्स) के खतरे को विशेष रूप से कम करता है, जो कि जन्म दोषों का एक बहुत बड़ा कारण होती हैं. यह बात खासकर पुरुषों के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान केवल महिलाओं के पोषण (जैसे फोलिक एसिड और विटामिन) पर ध्यान दिया जाता है. लेकिन इस स्टडी से यह साबित होता है कि होने वाले पिता का स्वास्थ्य और उनके शरीर में विटामिन B12 का स्तर भी बच्चे को जन्मजात बीमारियों से बचाने में उतनी ही बड़ी भूमिका निभाता है.

स्टडी के बारे में विस्तार से जानें
फुदान यूनिवर्सिटी के चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के रिसर्चर्स और उनके साथियों ने ‘शंघाई प्रीकन्सेप्शन कोहोर्ट’ का इस्तेमाल करके 3,032 कपल्स (जिन्होंने गर्भधारण से 4 महीने पहले ब्लड सैंपल दिए थे) और 17,765 महिलाओं (जिनका टेस्ट गर्भावस्था के 4 महीने या उससे पहले हुआ था) पर स्टडी की. रिसर्चर्स ने विटामिन B12 और फोलेट के लेवल को मापा और जीवित जन्मों, मृत जन्मों और भ्रूण की असामान्यताओं के कारण खत्म होने वाली प्रेग्नेंसी में पहचाने गए जन्म दोषों के साथ उनके संबंध की जांच की. उन्होंने पाया कि प्रेग्नेंसी से पहले माता और पिता में विटामिन B12 का ज्यादा लेवल होने पर जन्म दोषों की अनुमानित दर कम थी, और जिन माताओं में गर्भावस्था की शुरुआती अवस्था में RBC फोलेट का लेवल सही था, उनमें भी जन्म दोषों की अनुमानित दर कम थी. लेखकों के अनुसार, ये नतीजे गर्भधारण के आस-पास के समय और गर्भावस्था की शुरुआती अवस्था में माता और पिता दोनों के न्यूट्रिशन के संभावित महत्व का सपोर्ट करते हैं.

विटामिन B12 मानव शरीर के लिए क्यों जरूरी
विटामिन B12 हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स में से एक है. इसे कोबालामिन के नाम से भी जाना जाता है. विटामिन B12, विटामिन के B ग्रुप का हिस्सा है. ज्यादातर दूसरे विटामिन के उलट, यह न तो आपके शरीर में बन सकता है और न ही जमा हो सकता है. इसलिए इसे सिर्फ कुछ खास तरह के खाने या हेल्थ सप्लीमेंट्स के जरिए ही लिया जा सकता है. विटामिन B12 शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है क्योंकि यह रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाओं) को बनाने में मदद करता है, नसों को नुकसान से बचाता है और कुछ क्रोमोसोम हिस्सों की बनावट को स्थिर रखता है, साथ ही शरीर के दूसरे जरूरी काम भी करता है. इंसानी शरीर हर मिनट लाखों रेड ब्लड सेल्स बना सकता है. लेकिन, यह प्रक्रिया तभी हो सकती है जब शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए विटामिन B12 की पर्याप्त मात्रा हो. इसके उलट, विटामिन B12 की कमी से शरीर में शारीरिक और मानसिक समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि नजर कमजोर होना, मुंह में छाले, चिड़चिड़ापन, नसे डैमेज होना और डिप्रेशन. इसलिए, हमें यह पक्का करना चाहिए कि हमारी रोजाना की डाइट में यह विटामिन सही मात्रा में हो. विटामिन B12 की कमी को दूर करने के लिए, आप अपनी डाइट में सप्लीमेंट्स भी शामिल कर सकते हैं.