भारतीय जनता पार्टी की आज की बैठक में राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं.
रायपुर: छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी संगठन, सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत समन्वय को लेकर लगातार समीक्षा बैठक कर रही है. 25 अगस्त से 29 अगस्त तक तीन बड़ी बैठक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाउ ठाकरे परिसर में हो रहे हैं. 29 अगस्त को सभी पदाधिकारियों की बैठक है. 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक होने वाले सेवा संकल्प सप्ताह की भी आज शुरुआत की जाएगी.
25 और 26 अगस्त की बैठक
भारतीय जनता पार्टी की 25 और 26 अगस्त को भी बैठक हुई थी. दो दिवसीय मैराथन बैठक में भारतीय जनता पार्टी ने अपने सियासी धरातल और आने वाले चुनाव को लेकर रणनीति तैयार करने पर योजना बनाई. बैठक में प्रदेशिक संगठन के प्रभारी अजय जामवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री विजय शर्मा के अलावा पार्टी संगठन के तमाम पदाधिकारी शामिल हुए. इस बैठक में सरकार की नीतियों को गांव-गांव तक ले जाने, बूथ लेवल तक कमेटी को मजबूत करने और सरकार की योजनाएं आम जनता तक पहुंचाने के लिए योजना तैयार की गई.
25 और 26 अगस्त की बैठक में मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की गई. कौन विभाग कितना बेहतर काम कर रहा है, इसको लेकर भी चर्चा हुई. कार्यकर्ताओं का फीडबैक भी लिया गया, जिसमें इस बात को सबसे ऊपर रखा गया कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और विकास योजनाओं को लेकर होने वाली बात आम जनता तक सहूलियत के साथ पहुंचे. इसके लिए सरकार और पदाधिकारी को ज्यादा सक्रिय होकर काम करने की जरूरत है. क्योंकि सरकार ने जनता से जो वादा किया है वह लोगों तक पहुंचना चाहिए और इस विषय पर सबसे ज्यादा चर्चा 25 और 26 अगस्त को हुई समीक्षा बैठक में की गई थी.
आज पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक
आज होने वाली भारतीय जनता पार्टी की बैठक में राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी भी शामिल हो रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी की आज होने वाली बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश शामिल होंगे, जिसमें पार्टी की कई गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जाएगी, 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक प्रस्तावित सेवा पखवाड़ा सप्ताह को लेकर की भी मजबूत योजना बनेगी. इसके अलावा राज्य में होने वाले निकाय और पंचायत उपचुनाव को लेकर के भी चर्चा होने की संभावना है. कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी कुछ हद तक पार्टी में असहज और असमंजस की स्थिति पैदा किए हुए हैं. क्योंकि 25 और 26 तारीख की हुई बैठक में कई पदाधिकारी और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि विकास योजनाओं को लेकर पदाधिकारी बातों को दरजीह नहीं देते हैं. जिसके कारण जनता में एक गुस्सा बैठ रहा है माना जा रहा है इन तमाम विषयों को लेकर के पार्टी के भीतर समीक्षा की जाएगी..