जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगरी-काठापाली स्थित शासकीय प्राथमिक शाला काठापाली में पदस्थ एक शिक्षिका पर छात्रों के साथ कथित रूप से अंधविश्वास से जुड़ा कृत्य करने का आरोप लगा है। घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश है। मामले की शिकायत शिक्षा विभाग और पुलिस से की गई है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को शिक्षिका गीता कुंभकार स्कूल समय से पहले पहुंचीं। आरोप है कि उन्होंने अपनी सोने की बाली विद्यालय परिसर में खो जाने की बात कहते हुए लगभग 30 से अधिक विद्यार्थियों के हाथों में लाल कपड़े और मौली से बंधा नारियल तथा चावल रखवाया। इसके बाद बच्चों से यह कहलवाया गया कि यदि किसी को बाली मिली हो तो वह लौटा दे।

अभिभावकों और ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों से यह भी कहा गया कि जिसने बाली पाई है और वापस नहीं करेगा, उसके साथ अनहोनी हो सकती है या उसे पेट दर्द एवं अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस कथित घटना के बाद कई बच्चे डर गए और घर पहुंचकर पूरी बात अपने परिजनों को बताई।

घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावक गांव के पंचों के साथ विद्यालय पहुंचे और प्रधान पाठिका से शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि इस घटना के बाद कुछ बच्चे स्कूल जाने से भी डरने लगे हैं। उनका आरोप है कि इस तरह की बातें छोटे बच्चों के मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में संबंधित शिक्षिका ने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए कहा कि “बच्चे तो कुछ भी बोल देते हैं।” हालांकि बाद में बच्चों ने विद्यालय की अलमारी में रखे नारियल और चावल दिखाकर अपने आरोप दोहराए।

विद्यालय की प्रधान पाठिका मिसेस जैन ने बताया कि संबंधित शिक्षिका उस दिन समय से पहले विद्यालय पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद हुई। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर विषय है और इससे बच्चों की मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

ग्राम पंचायत डोंगरी के वार्ड क्रमांक-2 के पंच प्रतिनिधि अरविंद कुर्रे तथा वार्ड क्रमांक-3 के पंच ओम प्रकाश कुर्रे ने संबंधित शिक्षिका के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का स्थान है, इसलिए इस प्रकार की घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षिका के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इधर ग्रामीणों ने मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में भी की है। अब सभी की नजरें शिक्षा विभाग की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।