25 अगस्त 2026, मंगलवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भगवान विष्णु का प्रभाव माना जाता है। आज का दिन दान, उपवास, नई योजनाएं बनाने और रणनीति तैयार करने के लिए शुभ माना गया है। वहीं शुभ कार्य करते समय राहुकाल और अन्य वर्जित समय का ध्यान रखना जरूरी है।
25 अगस्त का पंचांग
- विक्रम संवत: 2082
- मास: श्रावण
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: द्वादशी
- दिन: मंगलवार
- योग: आयुष्मान
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
- करण: बलव
- चंद्र राशि: मकर
- सूर्य राशि: सिंह
- सूर्योदय: सुबह 5:54 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:51 बजे
- चंद्रोदय: शाम 5:20 बजे
- चंद्रास्त: सुबह 3:51 बजे, 26 अगस्त
- राहुकाल: दोपहर 3:37 बजे से शाम 5:14 बजे तक
- यमगंड: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रमा मकर राशि और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा। उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य और देवता विश्वदेव माने जाते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह स्थिर प्रकृति का नक्षत्र है। भूमि खरीदने, नींव रखने, भवन या मंदिर निर्माण, देव पूजा, बीज बोने और स्थायी सफलता से जुड़े कार्यों के लिए इसे अनुकूल माना जाता है।
आज के दिन क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज दान-पुण्य और उपवास करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही भविष्य की योजनाएं बनाने और किसी काम की रणनीति तैयार करने के लिए भी दिन अच्छा माना गया है।
राहुकाल में शुभ कार्य से बचें
मंगलवार को दोपहर 3:37 बजे से शाम 5:14 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम जैसे अशुभ समय का भी ध्यान रखना चाहिए।